How To Do The Chakrasana In Hindi

How To Do The Chakrasana In Hindi  का उल्लेख योगशास्त्र में शरीर निरोगी रखने के लिए, और कुंडलिनी को सक्रीय करने के लिए किया गया है। योगशास्त्रों में वर्णित सभी आसनों का निर्माण भगवान् शिव द्वारा हुआ है।  उनके बाद पतंजलि ने इसका प्रचार किया। पर इन सबका लक्ष्य एकमात्र मानवकल्याण ही था। जिससे मनुष्य अपने आप को समझ सके। क्योंकि जबतक हम अपने आप को पूर्ण रूप से नहीं जानेंगे तबतक हम अपने उद्देश्य को कभी नहीं पा सकते । आज मै जिस आसन के बारे में बताने  जा रहा हूँ। उसका उपयोग हमारे शरीर के अंदर सोई हुयी कुंडलिनी शक्ति को जागृत करने के लिए खास रूप से किया जाता है। आइये जानते है How To Do The Chakrasana In Hindi .  इस आसन का अभ्यास करते समय हमारे शरीर की रचना किसी चक्र की तरह दिखाई देती है ,इसीलिए ये आसन चक्रासन या व्हील पोज के नाम से जाना जाता है। 




 How To Do The Chakrasana In Hindi Step By Step Guide

How To Do The Chakrasana In Hindi
Chakrasana In Hindi



  • Chakrasana Steps

  1. Chakrasana का अभ्यास करने के लिए किसी स्वच्छ ,खुली जगह का चुनाव करे। 
  2. सबसे पहले जमीन पर चटाई या आसन बिछाकर बैठ जाए। 
  3. उसके बाद आराम से पीठ के बल लेटे। 
  4.  अपने पैरों में १ या डेढ़ फिट का अंतर लेकर पैरों को घुटनो से मोड़कर ,पैर के तलवों को जमीन पर लगा कर रखे।
  5. अपने दोनों हाथों को अपने कंधों के पास ले जाकर ,हाथों को जमीन पर इस प्रकार से रखे की हाथों की उंगलिया आपके पैरों की दिशा में हो। 
  6. एक लंबी श्वास लेकर हाथों और पैरों के सहारे अपने शरीर के बिच का हिस्सा (पेट और छाती ) को ऊपर उठाये। 
  7. इस अवस्था में शुरुवात में १५ से २० सेकंड तक बने रहे। 
  8. वापस सामान्य स्थिति में आ जाये। 
  9. इस क्रिया को ५-६ बार करे ,फिर धीरे धीरे अभ्यास नुसार समय को बढाए। 
  10. चक्रासन का अभ्यास करते समय हमे अपना ध्यान अपनी नाभि या कमर के निचले हिस्से पर केंद्रित करना चाहिए। 









Chakrasana  के फायदे - Benefits Of Chakrasana Yoga 

  1.  Chakrasana को करने से शरीर में लचीलापन आता है। 
  2. खून का संचार तेजी से होता है, जिससे शरीर के अंदर से टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते है। 
  3. नियमित रूप से Chakrasana Steps करने से शरीर की  रोगप्रतिकारक क्षमता बढ़ती है।
  4.  हमारे शरीर के सभी नाड़ियाँ मेरुदंड में मिलती है ,इसलिए इस आसन को करने से शरीर के अंदर की ७२४६० नाडियों का शुद्धिकरण होता है।
  5.  इस आसन का अभ्यास करने से फेफड़े मजबूत बनते है। छाती चौड़ी होकर कमर को पतली एवं लचकदार बनाता है।जिससे कमर आकर्षक दिखती है।
  6. रोजाना Chakrasana का अभ्यास करने से नाभि अपनी जगह पर आ जाती है। 
  7. ये त्वचा एवं चेहरे की चमक को बढ़ाता है और वृद्धत्त्व को रोकता है।
  8.  यह आसन पेट की चर्बी को दूर करके मोटापा दूर करता है । 
  9. प्लीहा ,जीर्ण ज्वर आदि विकारों को चक्रासन के नियमित अभ्यास से दूर किया जा सकता है।  
  10.  पेट के समस्त रोगो के लिए ये आसन किसी संजीवनी से कम नहीं । यह आसन शरीर में स्थित षट्चक्रों को प्रभावित करता है ,जिससे चक्र जागरण की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।  
  11. ये सभी Benefits Of Chakrasana  है जो हमें चक्रासन के नियमित अभ्यास से प्राप्त हो सकते है। 








Precautions Of Chakrasana While Practicing Chakrasana Steps  

  1. महिलाये इस आसन को मासिक धर्म होने के बाद करे। 
  2. पहली बार Chakrasana को करते समय सावधानी से करे। 
  3. शरीर का भाग ऊपर उठाते समय गर्दन को एकदम ढीला न छोड़े। 
  4. चक्रासन की स्थिति में आ जाने पर ही गर्दन को ढीला छोड़े। 
  5. पहली बार इस आसन को योग्य शिक्षक की देखरेख में ही करे।
  6.  चक्रासन करने से पहले आपका पेट और आतें पूरी तरह खाली होनी चाहिए। 
  7. चक्रासन का अभ्यास सुबह सूर्योदय के समय करना सबसे अच्छा है। 
  8. अगर आप शाम को इस आसन का अभ्यास करना चाहते है तो आपके भोजन और अभ्यास के बिच में कम से कम ६ से ७ घंटे का अंतर होना आवश्यक है। 


अब आप पूरी तरह चक्रासन का अभ्यास करने के लिए तैयार है। फिर भी आप "How To Do The Chakrasana In Hindi" के बारे में कुछ पूछना चाहते है तो आप कमेंट कर के पूछ सकते है। 




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