The Ultimate Guide To Do Bhujangasana In Hindi


The Ultimate Guide To Do Bhujangasana In Hindi संस्कृत नाम भुजंग का अर्थ सर्प होता है। भुजंगासन को इंग्लिश में Cobra Pose भी कहा जाता है।  भुजंगासन या सर्पासन का अभ्यास करते समय व्यक्ति की शरीर रचना, फ़न फैलाये हुये सर्प की तरह दिखती है। सूर्यनमस्कार की १२ स्थितियों में से भुजंगासन का अभ्यास आठवीं स्थिति में किया जाता है। इसका अभ्यास कमर को एक बेहतरीन खिचाव देता है। अपने रोज के व्यायामों में भुजंगासन को शामिल करना स्वास्थ की दृष्टी से अच्छा निर्णय हो सकता है। ये आपको शारीरिक लाभ के साथ साथ आत्मिक सुख भी प्रदान करता है। तो आइये जानते है Bhujangasana In Hindi



Bhujangasana In Hindi - भुजंगासन योग

Bhujangasana In Hindi - भुजंगासन योग
Bhujangasana In Hindi - भुजंगासन योग



  1. भुजंगासन करने के लिए किसी स्वच्छ और हवादार स्थान का चुनाव करना आवश्यक है। 
  2. बंद कमरे में किसी भी योगासन को ना करे। 
  3. सबसे पहले जमीन पर चटाई बिछाकर छाती के बल लेट जाए। 
  4.  अपने दोनों पैरों को आपस में मिलाकर तलवों को जमीन से सटा कर रखे।  
  5. अपने दोनों हाथों को अपनी कोहनियों से मोड़कर अपनी छाती के बगल में रखे। 
  6. एक लम्बी गहरी साँस लेकर अपनी गर्दन को ऊपर उठाये ,उसके बाद छाती को ,और उसके बाद नाभी तक के भाग को ऊपर उठाये। 
  7. याद रखे इस आसन में केवल नाभी तक ही शरीर ऊपर उठाया जाता है ,बाकि शरीर बिलकुल स्थिर और सीधा रखे।   
  8. आपकी शक्ति नुसार आप जितना ऊपर उठ सकते है ,उतना ऊपर उठने का प्रयास करे।  
  9. अपनी दृष्टी को ऊपर आकाश की और रखे। 
  10. Cobra Yoga Pose करते समय अपना ध्यान विशुद्ध चक्र (गलेपर ) ,आज्ञाचक्र (दोनों आँखों के बिच ) या अपनी सांसो पर केंद्रित करने का प्रयास करे ।  
  11. भुजंगासन को तभी सिद्ध माना जाता है,जब आपका शरीर एक साप के फैले हुए फन की तरह दिखने लगे। 
  12. इस अवस्था में ३ -४ सेकंड तक सांस को रोके। 
  13. अगर आप साँस नहीं रोक पा रहे तो अपनी साँस को सामान्य रूप से चलने दे। 
  14. सामान्य अवस्था में आने के लिए पहले पेट फिर छाती और फिर गर्दन को ढीला छोड़े।  
  15. अपना बायां गाल जमीन पर लगाकर सामान्य अवस्था में आ जाए। 
  16. भुजंगासना को ४ से ५ बार करे। 





Bhujangasana Health Benefits In Hindi - भुजंगासन के फायदे 



  1. Cobra Pose का अभ्यास करने से पीठ ,पेट और छाती के सभी रोग ठीक हो जाते है। 
  2. भुजंगासन नस-नाड़ियो. और मासपेशियो को बिना नुकसान पहुचाये मेरुदंड के टेढ़ेपन को सीधा कर देता है। 
  3. भुजंगासन बेडौल कमर को सुन्दर , पतली एवं आकर्षक बनाता है। 
  4. शरीर में ऊर्जा का संचार कर थकावट दूर कर देता है। 
  5. अविकसित छाती को विकसित कर ,सीने को चौड़ा बनाता है। 
  6. मोटापे को दूर कर ,शरीर की अनावश्यक चर्बी दूर करता है।  
  7. Cobra Steps का अभ्यास करने से भूक खुलकर लगती है ,और पाचनक्षमता बढ़ती है। 
  8. पेट की सभी समस्याएं भुजंगासन के नियमित अभ्यास से दूर हो जाती है। 
  9. यह आसन शरीर को सुन्दर ,तेजस्वी और कांतिमय बनाये  रखता है। 
  10. नाड़ी तंत्र और ज्ञान तंतु को विकसित कर व्यक्ति को निडर ,शक्तिशाली एवं बुद्धिवान बनाता है।
  11. गले से सम्बंधित गण्डमाला ,थॉयरॉइड , टॉन्सिल्स जैसे रोग भुजांगासन से नष्ट हो जाते है। 
  12. भुजंगासन पेट व गुर्दों को साफ़ कर स्नायुतंत्र को ठीक करता है. फेफड़ों में श्वास भरनेकी नलिकाओं को साफ़ कर देता है। 
  13. भुजंगासन का नियमित अभ्यास ह्रदय रोगों में लाभकारी है। 
  14. ये आसन जिगर सम्बन्धी सभी रोगों को ठीक करता है। 
  15. खांसी, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस जैसे रोगों को पहली अवस्था में ही खत्म कर देता है। 
  16. इस आसन से युवक युवतिया छाती को एकसमान बना सकती है। 
  17. स्वप्नदोष , वीर्य विकारों में ये आसन अत्यंत गुणकारी है।
  18.  महिलाओ की मासिक धर्म की अनियमितता ,प्रदर रोगो में ये आसन अत्यंत लाभकारी है। 
  19. भुजंगासन गर्भाशय और भीतरी यौनांगों को पुष्ट बनाता है। 
  20. ये सभी Benefits Of Bhujangasana है। 
  21. भुजंगासन से पहले सर्वांगासन का अभ्यास करने से भुजंगासन का अभ्यास सरल हो जाता है। { पढ़े - सर्वागासन और उसके फायदे }









Precautions Of Cobra Pose -सावधानी 


  1. भुजंगासन का अभ्यास हर्निया,अल्सर,कोलायटिस. जैसे रोगियों को ये आसान नहीं करना चाहिए। 
  2. तीव्र कमरदर्द या पेट में घाव होने पर भी इस आसन को ना करे। 
  3. शुरुवात में भुजंगासन को सावधानी से करे ,सर पीछे ले जाते समय किसी भी प्रकार की जल्दबाजी ना करे। 
  4. भुजंगासन का अभ्यास सुबह के समय करना अनेक फायदे देता है। 
  5. सुबह इस आसन का अभ्यास ना कर पाए तो भोजन के ६ से ७ घंटे बाद आप इस आसन का अभ्यास कर सकते है। 
  6. भुजंगासन का अभ्यास खाली पेट करना आवश्यक है। 
  7. किसी गंभीर समस्या से पीड़ित होनेपर डॉक्टर की सलाह लेकर इस आसन का अभ्यास करे। 
  8. पहली बार भुजंगासन का अभ्यास की योग्य गुरु के सानिध्य में करना चाहिये। 


अब आप "The Ultimate Guide To Do Bhujangasana In Hindi"  के बारे में जान चुके  है। फिर कोई समस्या हो तो आप कमेंट कर के पूछ सकते है। 





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