Shoulderstand ( Salamba Sarvangasana) In Hindi Complete Guide

Shoulderstand ( Salamba Sarvangasana) In Hindi Complete Guide योग से हमारा शरीर निरोगी और स्वस्थ रहता है। परंतु  प्रत्येक आसन को कर पाना हर किसी के लिए संभव नहीं हो पाता। आज मै आपको एक ऐसे आसन के बारे में जानकारी दे रहा हूँ  ,जो हर कोई आसानी से कर सकता है। और उसका लाभ प्राप्त कर सकता है। उस आसन का नाम सर्वांगासन है। सर्वांगासन का अभ्यास  हमारे पुरे शरीर के अंगों पर अपना प्रभाव डालता है। इसलिए इसे सर्वांगासन के नाम से जाना जाता है। सर्वांगासन को Salamba Sarvangasana या Shoulder Pose के नामों से भी जाना जाता है। इस आसन में हथेलियों की मदद से शरीर का भार कंधों पर लिया जाता है। इसका अभ्यास शरीर के सभी अंगों को पुष्ट और निरोगी रखता है। ये आसन शरीर के अंदर रहनेवाले विषैले तत्वों का नाश कर ,जीवनी शक्ति को बढ़ाता है। जितना लाभ शीर्षासन के अभ्यास से प्राप्त होता है ,उतना ही लाभ हमारे शरीर को सर्वांगासन से मिलता है। योगशास्त्र में शीर्षासन के बाद सर्वांगासन को ही स्थान दिया गया है। इस आसन से कुंडलिनी शक्ति जागरण में भी मदद मिलती है। सर्वांगासन के लाभ प्राप्त करने के लिए Shoulderstand ( Salamba Sarvangasana) In Hindi Complete Guide को जानना आवश्यक है।

Shoulderstand ( Salamba Sarvangasana) In Hindi  - सर्वांगासन विधि 



Shoulderstand ( Salamba Sarvangasana) In Hindi Complete Guide - सर्वांगासन विधि
Shoulderstand ( Salamba Sarvangasana) 

  • Shoulderstand ( Salamba Sarvangasana) Steps In Hindi 
  1.  सर्वांगासन करने के लिए किसी स्वच्छ और हवादार स्थान का चुनाव करे। 
  2. जिससे आपका मन एकाग्र होने में मदद मिल सके। 
  3. सबसे पहले जमीन पर चटाई बिछाकर उसपर पीठ के बल लेट जाए। 
  4. अपने दोनों पैरो को आपस में मिलाकर सीधा तान कर रखे।   
  5. एक लम्बी साँस लेकर अपने दोनों पैरो को एकसाथ ऊपर उठाये ,फिर अपने कमर को ,और फिर अपने छाती तक के भाग को ऊपर उठाये। 
  6. इसके बाद अपने दोनों हाथों की कोहनियो को मोड़कर अपने हाथो से कमर को थाम ले।
  7.  इस अवस्था में आपके कंधों से कोहनियों तक का भाग जमीन पर टिका रहेगा।
  8.  अपने शरीर का सारा वजन अपने कंधों पर लेने की कोशिश करे। 
  9. पैरों को ऊपर की और ताने रखे,और अपनी ठोड़ी को अपनी छाती से लगाए। 
  10. Salamba Sarvangasana का अभ्यास करते समय श्वास सामान्य गति से लेते रहे। 
  11. इसी  अवस्था में कम से २० सेकण्ड तक बने रहिये। नियमित अभ्यास से इस समय को ३ मिनट तक ले जाए।
  12.  सर्वांगासन का अभ्यास रोजाना 2 से 3 बार करे। 
  13. सर्वांगासन एकबार करने पर भी शरीर को प्रभावित करता है। 
  14. Sarvangasana Pose को आसान बनाने के लिए आप इस आसन से पहले हलासन या वीरासन का अभ्यास कर सकते है। {पढ़े - हलासन और उसके फायदे }
  15. सर्वांगासन का अभ्यास करते समय आप अपने ध्यान को अपनी नाभि या सामान्य श्वासों पर केंद्रित कर सकते है। 




Amazing Health Benefits Of Salamba Sarvangasana Yoga - सर्वांगासन के लाभ 

Amazing Health Benefits Of Salamba Sarvangasana Yoga - सर्वांगासन के लाभ
Benefits Of  Sarvangasana Yoga - सर्वांगासन के लाभ

  1. सर्वांगासन शरीर की मांसपेशियों की मालिश कर ,शरीर को लचीला ,सुन्दर और निरोगी बनाता है। 
  2. सर्वांगासन करने से सभी प्रकार के मानसिक एवं शारीरिक तनाव दूर हो जाते है।
  3. ये आसन शरीर को पुष्ट और निरोगी बनता है। 
  4. इस आसन का अभ्यास करने से मानसिक शांति प्राप्त होकर ,एकाग्रता क्षमता को बढ़ानेवाला है। 
  5. नियमित रूप से सर्वांगासन का अभ्यास करने से शरीर में एक रस  निर्मित होता है ,जो बुढ़ापे को आने से रोकता है। 
  6. इस आसन से समस्त चर्मरोगों से या त्वचारोगों से अपने आप ही छुटकारा मिल जाता है ,क्योकि ये आसन समस्त रक्तदोषों को दूर कर देता है। 
  7. भोजन का न पचना ,मंदाग्नि ,वात,पित्त ,कफ,सिरदर्द ,बाल सफ़ेद होना ,थकावट महसूस होना जैसी समस्याओं के लिए उत्तम आसन है। 
  8. नियमित सर्वांगासन का अभ्यास करने से हायपोथयरोडीज़म ,आँखों  की समस्याएं ,जैसे रोग दूर हो जाते है । 
  9. यह आसन दमा ,खांसी ,पेट रोग ,नपुंसकता ,वीर्य रोग इत्यादि रोगों से छुटकारा दिलाता है। 
  10. इस आसन का अभ्यास करने से रक्त प्रवाह उलटी दिशा में बहता है इसीलिए ये जठराग्नि को प्रदीप्त कर भूक को बढ़ाता है ,और ओज रस में वृद्धि करता है। 
  11. Shoulder Stand करने से चेहरे पर तेज छलकने लगता है ,और चेहरा तेजस्वी और सुन्दर दीखता है। 
  12. इस आसन का नियमित रूप से अभ्यास करने पर शरीर के प्राण उर्ध्व हो जाते है ,और कुंडलिनी शक्ति को जगाने में ये आसन अपनी अहम भूमिका निभाता है। 
  13. जिन लोगो को रोजाना मानसिक रूप से कार्य करना पड़ता है उन लोगों के लिए ये आसन सर्वोत्तम है।
  14. शरीर में प्रजनन अंगों तथा हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है। 
  15. खून की कमी ,बांझपन, मासिक धर्म की अनियमितता ,गर्भाशय के रोग ,प्रमेह इत्यादि को दूर करने में सर्वांगासन सक्षम है। 
  16. सर्वांगासन के बाद शीर्षासन का अभ्यास करना लाभकारी रहता है। { पढ़े - शीर्षासन और उसके फायदे }
  17. ये सभी Benefits Of Sarvangasana है। जो आपको सर्वांगासन के नियमित अभ्यास से प्राप्त हो सकते है। 




Precautions For Sarvangasana Pose - सर्वांगासन में सावधानी 

  1. सर्वांगासन एक सरल आसन है। पर जो लोग मोटापे से ग्रसित है उन्हें शुरुवाती समय में संतुलन बनाने में कठिनाई हो सकती है। 
  2. यह अच्छी बात होगी अगर आप इसे सुबह सूर्योदय के समय करे। 
  3. पर समय के अभाव में आप इसे शाम के समय भी कर सकते है। 
  4. बाकी आसनों की तरह इस आसन का अभ्यास भी खाली पेट करना आवश्यक है। 
  5. यह ध्यान रखे की आपके अभ्यास और भोजन में कम से कम ५ से ६ घंटे का समय हो। 
  6. गर्भवती स्त्रियों को भी इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए। 
  7. उच्च रक्तचाप या दस्त की शिकायत होने पर भी इस आसन का अभ्यास करने से बचे। 
  8. सर्वांगासन का अभ्यास १४ वर्षो से कम उम्र के बच्चो को नहीं करना चाहिए। 
  9. इस आसन का अभ्यास ५ मिनट से ज्यादा न करे। अभ्यास करते समय थकावट महसूस होने पर बिच बिच में थोड़ा आराम करे। 
  10. पहली बार किसी योग्य गुरु की देखरेख में या अपने किसी साथी के साथ इस आसन का अभ्यास करे। 


अब आप "Shoulderstand ( Salamba Sarvangasana) In Hindi Complete Guide" के बारे में पूरी तरह जान गए है। नियमित और सावधानीपूर्वक  अभ्यास से आप इस आसन में महारथ हासिल कर पाएंगे।




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