Basti Kriya In Hindi (Step By Step)

Basti Kriya In Hindi योगशास्त्र में दी गयी सभी साधनायें अपना एक अलग ही महत्व रखती है ,परंतु  योगसाधना से पूर्व अगर षट्कर्म का अभ्यास किया जाए तो साधक को योगसाधना करना और भी आसान हो जाता है ,इसीकारण योगग्रंथों में योगसाधना करने से पूर्व षट्कर्म का अभ्यास करने के लिए बताया गया है।  आज जिस षट्कर्म के बारे में ,मैं आपको बताने जा रहा हूँ , उसे वस्तिकर्म के नाम से जाना जाता है।Basti Kriya In Hindi हमारे शरीर को कई तरह के लाभ प्रदान करती है।

Basti Kriya In Hindi - वस्तिक्रिया 

Basti Kriya In Hindi - वस्तिक्रिया
 basti kriya 
                                             
वस्ति मूलाधार (मूत्र मार्ग ) के समीप होती है ,तथा इसका रंग लाल होता है। योगग्रंथों के अनुसार पुराने गुड़ ,त्रिफला और चीते की छाल के रस से बनी गोली बनाकर ,शरीर के अंदर रहनेवाली अपानवायु को वश में करके ही Basti Karma का अभ्यास करना चाहिए। वस्तिकर्म का अभ्यास  दो प्रकार से किया जाता है।  एक पवनवस्ति और दूसरा जलवस्ति द्वारा भी इसका अभ्यास किया जा सकता है। 

  • How To Do Basti Kriya - वस्तिकर्म करने की विधि 
  1. पवन वस्ति करते समय किसी नली का प्रयोग करते हुए अपान वायु को गुदा मार्ग से खींचकर मयूरासन का अभ्यास किया जाता है। 
  2. मयूरासन का अभ्यास करते हुए ही अंदर खींची हुयी वायु को बाहर छोड़ना पड़ता है ,इसीको पवनवस्ति के नाम से जाना जाता है। 
  3.  जलवस्ति करने के लिए एक टब में इतना पानी भरे की आपके शरीर का नाभि तक का भाग पानी में डूबा रहे। 
  4. अब एक ६ इंच लंबी बास की लकड़ी ले ,जो एक और से पतली और दूसरी और से मोटी हो। 
  5.  इस नली को ४ इंच अपने गुदाद्वार में डाले ,और दोनों पंजो को निचे टिकाकर एड़ी को नितंब से टीकाकार ऊपर उठाकर रखे। 
  6.  धीरे धीरे गुदाद्वार को सिकोड़ना चालू करे। 
  7. गुदाद्वार को कुछ इस तरह सिकोड़े की उस नली के माध्यम से धीरे धीरे पानी अंदर आने लगे। 
  8. ऐसा करने पर पानी आतों में भरना शुरू हो जाएगा , इसके बाद गुदाद्वार से पानी को बाहर निकाल दे। 
  9. इससे आतों के अंदर का पूरा कचरा बाहर निकलकर ,वस्तिप्रदेश शुद्ध और साफ़ हो जाता है। 




Amazing Health Benefits Of Basti Kriya -  वस्तिकर्म क्रिया के लाभ 

  1. वस्तिकर्म क्रिया से शरीर के अंदर जमा हुआ कचरा बाहर निकल जाता है। 
  2. इसके साथ ही भूक को बढाकर पाचनक्रिया को बढ़ानेवाला है।
  3. वस्तिकर्म क्रिया से पेट संबंधित सभी बीमारियां ठीक हो जाती है।  और पेट मुलायम और निरोगी बना रहता है। 
  4. इससे बड़ी आंत साफ़ और स्वच्छ हो जाती है ,जो आपको हमेशा स्वस्थ और निरोगी बनायी रखती है। 
  5. इस क्रिया को करने से लिवर से जुड़े हुए रोग नष्ट हो जाते है। 
  6. पेट फूलना , एसिडिटी ,गैस से राहत दिलाता है। 
  7. जिन्हे रात को अनिद्रा की शिकायत है ,उनके लिए ये क्रिया रामबाण की तरह काम करती है। 
  8. ये सभी Benefits Of Basti Kriya है। जिसे आप सावधानी और योग्य मार्गदर्शन में अभ्यास कर प्राप्त कर सकते है। 


Precautions For Basti Kriya - बस्ती क्रिया में सावधानी 

  1. वस्तिकर्म बहुत ही कठिन क्रिया है ,इस क्रिया को किसी योग्य गुरु के देखरेख में ही करे। 
  2. जिन्हे पाइल्स या पेट संबंधित कोई बिमारी है उन्हें ये क्रिया नहीं करनी है।  



इस लेख में आपने "Basti Kriya In Hindi" के बारे में जाना। पहली बार किसी योग्य गुरु या चिकित्सक के मार्गदर्शन में बस्ती क्रिया का अभ्यास करना आपको अवश्य ही शुभ परिणामों से अवगत कराएगा।  



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