Balasana In Hindi Complete Guide

Balasana In Hindi Complete Guide योगशास्त्र में वर्णित बालासन सरल एवं आरामदायक आसनों में से एक है। संस्कृत शब्द बाला का अर्थ बालक या छोटा बच्चा होता है। इसका अभ्यास करते समय व्यक्ति की मुद्रा भ्रूण (बच्चे) की तरह दिखाई देने लगती है। बालासन आराम करने की मुद्रा या स्थिति है। जो पीठ दर्द को दूर करने के साथ ही जाँघों को प्रभावित करती है। यदि इस आसन को सही ढंग से किया जाता है, तो ये आसन शारीरिक ,मानसिक ,तथा भावनात्मक सांत्वना की महान भावना को स्फुरित करता है। बालासन, योग के प्रति समर्पित भाव को दर्शाने की एक उत्तम रचना है। आध्यात्मिक स्तर पर भी इस आसन का बड़ा महत्व है। ये आसन हमें सिखाता है ,की हमें अपना अहंभाव छोड़कर ,किसी बालक की भांति प्रकृति के प्रति समर्पित भाव रखकर जीवन जीना चाहिए।इस लेख में Balasana In Hindi की संपूर्ण जानकारी देने जा रहे है ,जो आपके लिए लाभदायी है। 


 Balasana In Hindi - बालासन योग 

Balasana In Hindi - बालासन योग
Balasana | Child Pose


  • Balasana Steps
  1. बालासन का अभ्यास किसी स्वच्छ और शांत स्थान पर करे।
  2.  सबसे पहले जमीन पर चटाई बिछाकर वज्रासन की स्थिति में ,जमीन पर घुटने टेक कर ,अपने पैरों की एड़ियों पर बैठ जाए। 
  3.   ध्यान रखे की आपके पैरों का घुटनों से लेकर उँगलियों तक का भाग फर्श से सटा होना चाहिए।
  4.  जब आप ठीक तरह इस मुद्रा में बैठ जाते है ,तो अपनी दोनों घुटनो को थोड़ा अलग करे,और श्वास को अंदर ले। 
  5. अब अपनी कमर को आगे की और झुकाते हुए श्वास को बाहर छोड़ते जाए। 
  6. इस स्थिति में अपने दोनों हाथों को सीधा कर ले ,हाथों के तलवे जमीन से सटे होने चाहिए ,तथा उंगलिया सीधी होनी चाहिए।  
  7. अपने माथे को जमीन से लगाए तथा श्वास को सामान्य रूप से लेते रहे। 
  8. जब आप  आगे और झुके तो ध्यान रखे की शुरुवात में आप जिस मुद्रा में बैठे थे ,उस मुद्रा या स्थिति में कोई बदलाव न होने पाए। तथा जब आप अपने हाथों को सामने लाकर रखते है तो कंधों को विश्राम की स्थिति में ले जाने का प्रयत्न करे। 
  9. अपनी अंदरूनी जाँघों को व्यवस्थित करे ताकि आप ठीक तरह Balasana Pose का अभ्यास कर पाए। 
  10. तथा अपनी जांघ ,घुटने और नितंबो (हिप्स) में खिचाव महसूस करे ,अगर खिचाव उत्पन्न हो रहा है तो आप बिल्कुल सही जा रहे है।
  11.  अपने दिमाग से सारे विचारों को  छोड़कर ,अपने आप में समर्पित भावना को उजागर होने दे।
  12.  इस आसन में अपना ध्यान अपनी सामान्य श्वासों पर लगाए रखे ,अपने मन को पूर्ण रूप से शून्य होने दे। याद रखिये शून्यता का भाव मन में तभी जागृत होता है जब आप अहंभाव को त्याग कर ,तथा विचारों का पीछा ना करते हुए ,केवल समर्पित भावना की कामना करते है। 
  13. इस अवस्था में कम से कम ३० सेकंड तक बने रहे ,फिर Balasana Pose के अभ्यास अनुसार आप इसकी समय अवधि बढ़ा सकते है।




 Amazing Health Benefits Of Balasana - बालासन के लाभ



Amazing Health Benefits Of Balasana - बालासन के लाभ
Balasana Benefits

  1. Balasana Pose शरीर की थकावट को दूर कर मांसपेशियों को आराम देता है। 
  2. इसके अभ्यास से कंधे ,पीठ ,और छाती की मांसपेशियों के तनाव को दूर कर राहत प्रदान करता है। 
  3. यदि व्यायामों का अभ्यास करते हुए या दिनभर की थकावट के कारण चक्कर आना या कमजोरी महसूस होती हो तो उस स्थिति Balasana Steps अवश्य करने चाहिए। ये थकावट को दूर कर शरीर में नयी ऊर्जा का संचार कर देता है। 
  4. इस आसन के नित्य अभ्यास से एड़िया,जाँघे तथा कूल्हे विकसित होते है। 
  5. कमर को राहत पहुंचाकर रीढ़ की हड्डी (मेरुदंड) को फ़ैलाने में मदद करता है। 
  6. इसका नित्य अभ्यास धारणा शक्ति को मजबूत बनाता है ,तथा एकाग्रता क्षमता को बढ़ाकर ,मस्तिक्ष के विकारों को दूर करने में सहायक है। 
  7. अक्सर छोटे बच्चे अनायास ही इस आसन का अभ्यास कर जाते है ,यह व्यक्ति को तनावरहित तथा हसमुख बनाने में सहायक है। 
  8. शरीर में छिपे दया ,क्षमा,शांति जैसे गुणों को उजागर करने में बालासन अत्यंत लाभदायक है। 
  9. इतना छोटा और सरल आसन व्यक्ति में उस समर्पित भावना को जगाता है ,जिस भावना की खोज मनुष्य आजीवन करता रहता है।
  10. ये सभी Benefits Of Balasana  है। जो आप बालासन के नित्य अभ्यास से प्राप्त कर सकते है। 







  • Things To Know Before You Practicing Balasana Pose - ध्यान देने योग्य बाते



  1.  अन्य आसनों की तरह इस आसन का अभ्यास भी खाली पेट करना चाहिए। इसका अभ्यास करने से पूर्व यह सुनिश्चित कर ले की आपका पेट और आतें खाली हो। 
  2. भोजन के बाद अगर बालासन का अभ्यास करना हो तो ,भोजन के ६ या ७ घंटे बाद इस आसन का अभ्यास करे।
  3. Balasana Pose एक आरामदायक योगमुद्रा है ,इसलिए आप इसका अभ्यास आसनों या व्यायामों के बिच ,या आसनों के उपरांत जब आपका विश्राम करने का मन हो तब आराम करने के लिए ,आप इस आसन का  अभ्यास कर सकते है। 
  4. सुबह और शाम दोनों समय आप इस आसन का अभ्यास कर सकते है। 
  5. शीर्षासन के बाद इस आसन का अभ्यास करना फायदेमंद माना गया है।{पढ़े - शीर्षासन और उसके लाभ }




Precautions For Balasana - बालासन में सावधानी 

  1. बालासन एक सरल एवं मानसिक शांति प्रदान करने वाला उत्तम आसन है ,इसका अभ्यास  कोई भी कर सकता परंतु जिन्हे दस्त या घुटने में चोट हो तो इस आसन को ना करे। 
  2. इससे रक्तसंचार सिर की तरफ होता है , इसलिए जिन्हे उच्च रक्तचाप की समस्या हो उन्हें भी इस आसन को करने से बचना चाहिए। 
  3. प्राणायाम के बाद अगर आप इस आसन का अभ्यास करते है ,तो ये आसन आपको परमशांति की अनुभूति कराता है। 
  4. शुरुवाती समय में अगर आप इस आसन का अभ्यास कर रहे है ,या योग में नवीनतम अभ्यासक है ,तो Balasana Steps करने से पहले आपको आगे की और झुकने वाले आसनों का अभ्यास करना चाहिए ,जिससे आप आसानी से बालासन का अभ्यास कर पाएं।


अब आप "Balasana In Hindi Complete Guide"  के बारे में जान चुके है। इसे अपने जीवन में उतारकर इसके लाभ जरूर प्राप्त करे। 
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