Kunjal Kriya In Hindi (Step By Step)

Kunjal Kriya In Hindi हठयोग में वर्णित कुंजल क्रिया में गर्म पानी पीकर ,उस पानी को शरीर के अंदर से बाहर निकाला जाता है। जिससे आहार नलिका और पेट की अच्छी तरह सफाई होती है। और व्यक्ति स्वस्थ जीवन को प्राप्त करता है। इस क्रिया को ब्रम्हमुहूर्त के समय करना उपयुक्त माना गया है। प्राचीन काल में इस क्रिया को बहुत से लोग करते थे। आज की बात करे ,तो जो पुराने लोग है ,वो आज भी सुबह के समय शौच के बाद Kunjal Kriya In Hindi का लाभ लेते है।

 Kunjal Kriya In Hindi - कुंजल क्रिया योग 


Kunjal Kriya In Hindi - कुंजल क्रिया योग




  • Kunjal Kriya Steps - कुंजन क्रिया की विधि 
  1. कुंजन क्रिया को सूर्योदय से पहले और शौच से आने के बाद ही करे तो अच्छा रहता है। 
  2. सबसे पहले एक लीटर पानी गर्म करके रखे।  
  3. जब पानी गुनगुना हो जाए तो कागासन की स्थिति में बैठकर आप जितना पानी पि सकते है ,उतना पानी पिए। 
  4. अपनी तीनों अंगुलिया मिलाकर (तर्जनी+मध्यमा+अनामिका ) मुँह में डालकर जीभ के पिछले हिस्से को रगडिये।  
  5. ऐसा करने से आपको उलटी करने की इच्छा होगी ,जब उलटी होने लगे तो अपने हाथ को बाहर निकालकर उलटी होने दे। 
  6.  फिरसे अपनी अंगुलिया मुँह में डालकर इस क्रिया को करे। 
  7. इस क्रिया का अभ्यास तब-तक करे जब-तक आपके पेट में से पूरा पानी बाहर ना निकल जाए। 
  8. जब खट्टा या कड़वा पानी बाहर निकलने लगे, तो और दो गिलास पानी पीकर इस क्रिया को करे। 
  9. अगर आपको नहाना है ,तो आप इस क्रिया के २ घंटे बाद नहा सकते है। 
  10. या आप चाहे तो इस क्रिया को पहले नहाकर भी कर सकते है।








Health Benefits Of Kunjal Kriya - कुंजन क्रिया के लाभ 

  1. कुंजन क्रिया को करने से पेट संबंधित सभी रोग दूर हो जाते है। 
  2. ये क्रिया जिगर को शक्तिशाली बनाती है। 
  3. कपोल दोष ,मुहांसे ,दाँतों के रोग ,छाती के रोग ,रक्तविकार जैसे समस्त रोग मिट जाते है। 
  4. कब्ज ,वात,पित्त और कफ से होनेवाले रोग ,जीभ के रोग ,खांसी ,दमा ,नजला ,जुकाम ,सर्दी इत्यादि रोग इस क्रिया का नियमित अभ्यास करने से ठीक होते है।
  5. ये सभी Benefits Of Kunjal Kriya है। जिसे आप उचित मार्गदर्शन में कर प्राप्त कर सकते है। 






Precautions For Kunjal Kriya - कुंजल क्रिया में सावधानी 

  • इस क्रिया को सुबह के समय और शौच के आने के बाद ही करे ,जिन्हे उच्च रक्तचाप या ह्रदय संबंधित कोई बिमारी है ,उन्हें इस क्रिया का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • कुंजन क्रिया का अभ्यास तभी करे जब आपका पेट खाली हो। 


इस लेख में आपने "Kunjal Kriya In Hindi" के बारे में जाना ,पहली बार कुंजल क्रिया का अभ्यास किसी योग्य गुरु या साथी के साथ करना चाहिए। 



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