Vajrasana In Hindi Complete Guide

Vajrasana In Hindi Complete Guide वज्रासन एक सरल और अत्यंत प्रभावकारी आसन है। Vajrasana का अभ्यास स्त्री पुरुष कोई भी कर सकता है। शुरुवाती समय में इस वज्रासन को करने में थोड़ी कठिनाई जरूर होती है ,परन्तु  नित्य अभ्यास से ये आसन सरल बन जाता है। देवराज इंद्र जो देवो के राजा है उनके शस्त्र का नाम वज्र है। पुराणों के अनुसार इस शस्त्र को बहुत ही शक्तिशाली माना गया है। इसलिए इस आसन को वज्रासन के नाम से जाना जाता है। क्योंकि इसका अभ्यास व्यक्ति के शरीर को वज्र की तरह कठोर और शक्तिशाली बनाता है। साथ ही वज्रासन का अभ्यास साधक के मानसिक एवं आध्यात्मिक बल को बढाता है , और कुंडलिनी को विकसित करता है। वज्रासन की स्थिति में बैठकर आप प्राणायाम की क्रियाओं को भी कर सकते है। Vajrasana In Hindi में आपको वज्रासन की संपूर्ण जानकारी देने जा रहे है। इसलिए इसे ध्यान से पढ़े।  

Vajrasana In Hindi - वज्रासन योग 



Vajrasana In Hindi - वज्रासन योग
Vajrasana

  • Vajrasana Steps


  1. वज्रासन का अभ्यास करने के लिए सर्वप्रथम किसी शांत और स्वच्छ जगह पर चटाई बिछाकर ,सामान्य स्थिति में बैठ जाए।
  2.  अपने दाए पैर को घुटने से मोड़कर ,अपने दाएं नितंब (हिप्स) के निचे रखे। 
  3. इस स्थिति में पंजो का मुख ऊपर की और होना चाहिए। तथा घुटने से लेकर उँगलियों तक का भाग जमीन से लगा होना चाहिए।
  4.  इसीप्रकार बाएं पैर को भी घुटने से मोड़कर अपने बाएं नितंब (हिप्स) के निचे रखे। 
  5. जब आप इस स्थिति में हो तो अपने मेरुदंड ,छाती और सिर को सीधा तानकर रखे। 
  6. अपने दोनों हाथों को अपने दोनों जाँघों पर रखे। 
  7. इस अवस्था में अपना ध्यान नाक के अगले भाग पर केंद्रित करने का प्रयास करे। 
  8. शुरुवाती समय में इस अवस्था में आप ५ से १० मिनट तक रह सकते है।  
  9. फिर जैसे जैसे आपका अभ्यास होता जाएगा वैसे आप इस आसन की अवधि को बढ़ा सकते है।
  10. वज्रासन के बाद बालासन या मकरासन का अभ्यास करना चाहिए। 
{ पढ़े - बालासन और उसके फायदे }
{ पढ़े - मकरासन के लाभ }



Amazing Health Benefits Of Vajrasana - वज्रासन के लाभ 


  1. वज्रासन का अभ्यास पुरे शरीर के लिए फायदेमंद साबित होता है।
  2.  इसका अभ्यास घुटने ,पिण्डलिया ,जाँघे तथा पैरों की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है। 
  3. नियमित  Vajrasana  का अभ्यास करने से मोटापा कम होता है ,कमर पतली ,लचकदार और मजबूत बनती है। 
  4. यह आसन स्मरणशक्ति को विकसित कर एकाग्रता क्षमता में बढ़ोतरी करता है। 
  5. आँखों को ठंडक प्रदान कर आँखों की रौशनी को बढ़ाता है तथा प्राणशक्ति में वृद्धि कर जीवनशक्ति को बढ़ाता है। 
  6. ये सायटिका, आमवात , कटी स्तंभ ,पीठ के दर्द में औषधि का कार्य करता है। 
  7. वज्रासन का प्रभाव सीधे पाचनतंत्र पर पड़ता है ,जिससे पेट संबंधित सभी समस्याओं के लिए ये आसन रामबाण है।
  8. भोजन होने के तुरंत बाद अगर ५ मिनट तक वज्रासन का अभ्यास कर लिया जाए तो पाचक रस शुद्ध और जल्दी बनता है ,जिससे अन्न जल्द ही पच जाता है। 
  9. ये आसन जिव को कामवासना से अलिप्त कर ब्रम्हचर्य के मार्ग को विकसित करता है। 
  10. अकाली बाल सफ़ेद होना ,मासिक धर्म जैसी समस्याएं वज्रासन का नित्य अभ्यास करने से ख़त्म हो जाती है।  
  11. वज्रासन ध्यानात्मक आसनों में से एक होने के कारण ,वज्रासन का प्रयोग आप ध्यान या प्राणायाम के समय भी कर सकते है। 
  12. वज्रासन में बैठकर प्राणायाम करने से दमा ,तपेदिक ,अस्थमा ,फेफड़ों से संबंधित रोग तथा अनेक श्वसन रोग दूर हो जाते है।
  13. ये सभी Benefits Of Vajrasana है। जो आप वज्रासन का नियमित अभ्यास कर के प्राप्त कर सकते है। 



Precautions For Vajrasana - वज्रासन में सावधानी  

  1. वज्रासन एकमात्र ऐसा आसन है जिसे आप खाने से पहले और भोजन के बाद दोनों समय कर सकते है।
  2. वज्रासन का अभ्यास आप सुबह और शाम दोनों समय कर सकते है। 
  3. पैरों में मोच या चोट होनेपर वज्रासन का अभ्यास ना करे। 
  4. इसका अभ्यास धीरे धीरे बढ़ाते जाए। एकदम से ज्यादा समय तक वज्रासन में बैठे रहने से पैर अकड़ने लगते है। 
  5. शुरुवात में इस आसन का अभ्यास आप किसी मुलायम या नरम कपडे पर कर सकते है। 
  6. किसी शारीरिक या मानसिक प्रकार की गंभीर समस्या होनेपर डॉक्टर की सलाह लेकर ही वज्रासन का अभ्यास करे। 


आप इस लेख में "Vajrasana In Hindi Complete Guide" के बारे में जान गए है।  अब आप वज्रासन का अभ्यास कर के इस आसन का लाभ ले सकते है।  



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