Dhauti Kriya In Hindi (Step By Step)

Dhauti Kriya In Hindi योगशास्त्र में वर्णित षट्कर्म की क्रियाओं द्वारा ,शरीर की सफाई की जाती है ,जिससे हमारा तन मन स्वस्थ होकर योगसाधना के लिए तैयार हो सके।  धौति के द्वारा पेट की पूरी तरह से सफाई की जाती है ,जिसे करने से पेट संबंधित  कई प्रकार की समस्याओं से हम दूर रह सकते है। Dhauti Kriya In Hindi करने की दो विधियाँ है।
                                   

Dhauti Kriya In Hindi - धौति क्रिया 


  • Dhauti Kriya First Method - वारीसर धौति करने की पहली विधि 
  1. धौति का प्रयोग करने के लिए किसी स्वच्छ और खुले वातावरण का चुनाव करना चाहिए। 
  2. सबसे पहले जमीन पर चटाई बिछाकर पद्मासन की स्थिति में बैठ जाए। 
  3.  सभी बाहरी विचारों को छोड़कर अपने शरीर को स्थिर करे, और अपना ध्यान अपने श्वास पर केंद्रित करके अपनी श्वासों को नियंत्रित करे। 
  4.  आपको इसी अवस्था में बैठे हुए ,जीतनी हवा को आप अपने भीतर ले सकते है उतनी श्वास भरे ।  
  5.  आपने जीतनी श्वास अंदर ली है ,वो तेजी से बाहर निकाले। 
  6. श्वास आपको नाक के द्वारा ही बाहर निकालनी है ,और श्वास को बाहर छोड़ते समय बिच में ही श्वास को अंदर ना ले। 
  7. जब आप श्वास को पूरी तरह से बाहर निकल देंगे तो फिरसे आपको इसी क्रिया की पुनरावृत्ति करनी है। 
  8. इस क्रिया को करते समय आपको हर बार तेजी से श्वास अंदर और बाहर करना होता है। 
  9. धौति क्रिया का अभ्यास कम से कम १० बार करे ,इससे ज्यादा इसका अभ्यास ना करे।





  • Dhauti Kriya Second Method - धौति करने की दूसरी विधि 
  1. इस विधि का प्रयोग करने के लिए आपको एक रबर की नली चाहिए जो २ इंच लंबी और डेढ़ इंच मोटी हो।  
  2. सबसे पहले इस नली को गर्म पानी में डुबोकर रखे।
  3. उसके बाद थोड़ा गर्म पानी लेकर उसमे थोड़ा नमक मिला ले और उसे पि जाए। 
  4.  गर्म पानी में से नली को निकालकर धीरे धीरे अपने मुँह के अंदर डाले। 
  5. याद रखे इस क्रिया को करते समय अगर आपको जी मचलाना या उलटी जैसा लगे तो इस क्रिया को ना करे। 
  6. जब नली आपके पेट में जाने लगे ,तो पेट को नाभि से पिचकाकर पानी को नली के माध्यम से बाहर निकाल दे। 
  7. इस क्रिया को केवल महीने में १ या दो बार ही करे ,इससे ज्यादा इस क्रिया को ना करे।




Health Benefits Of Dhauti Kriya - धौति क्रिया के लाभ 

  1. इस क्रिया को करने से पेट और पेट की आते साफ़ होकर , पेट संबंधित सभी बीमारियां दूर हो जाती है। 
  2.  अपच ,गैस ,लिवर संबंधित परेशानी दूर हो जाती है। 
  3. ये मंदाग्नि को दूर कर पाचनक्षमता को विकसीत करता है।  
  4. सर्दी ,जुकाम ,खासी में राहत दिलाती है। 
  5. सफ़ेद कोढ़ जैसी भयंकर बीमारियों में ये क्रिया परम लाभकारी है। 
  6. वात संबंधित सभी रोगों में फायदेमंद है। 
  7. शरीर के अंदर भोजन नली में फसे हुए कीड़े इस क्रिया को करने से नष्ट हो जाते है।
  8. धौति क्रिया के सावधानी पूर्वक अभ्यास से ये सभी Benefits Of Dhauti Kriya को आप प्राप्त कर सकते है। 



Precautions For Dhauti Kriya - धौति क्रिया में सावधानी  

  •  धौति का अभ्यास करना बहुत ही कठिन है ,इसलिए पहली बार इस क्रिया को करते समय किसी योग्य योगगुरु के सानिध्य में ही इसे करे।          



अब आप "Dhauti Kriya In Hindi" के बारे में जान गए है। ज्यादातर पेट के आतंरिक अंगो पर धौति क्रिया अपना विशेष प्रभाव दिखाती है। 



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