Jalandhara Bandha In Hindi Complete Guide


Jalandhara Bandha In Hindi Complete Guide योग में इस बंध को विशेष उपयोगी माना गया है। जालंधर बंध का अभ्यास शरीर को कई तरह की बीमारियों से दूर रखता है। Jalandhara  Bandha In Hindi का अभ्यास आप प्राणायाम करते समय कर सकते है।

Jalandhara Bandha In Hindi -  जालंधर बंध योग 

Jalandhara Bandha In Hindi -  जालंधर बंध योग
 Jalandhara  Bandha 

"अष्टांग योग" में बंधो का विशेष महत्त्व है। संस्कृत शब्द बंध का अर्थ बांधना या रोकना होता है। दिनभर की व्यस्तता में हमारा शरीर कई शक्तियों को किसी ना किसी माध्यम से बाहर निकालता रहता है। इनमे कुछ तो हमारे शरीर के लिए उपयोगी नहीं होती ,पर जो आवश्यक शक्तियां है ,उन्हें योगासन ,प्राणायाम ,बंध के द्वारा रोका जाता है। जिनसे शरीर और प्राण दोनों स्वस्थ रहते है ,Bandha का अभ्यास किये बिना आप Pranayama में पूरी तरह महारथ हासिल नहीं कर सकते। Jalandhara Bandha  का अभ्यास करके आप कई तरह की तकलीफों से मुक्ति पा सकते है। बस आवश्यकता है इसे नियमित रूप से और सही तरीके से करने की।




  • Jalandhara Bandha Steps

  1. Jalandhara Bandha का अभ्यास आप Pranayama Practice करते समय कर सकते है।
  2.  इसका अभ्यास करने के लिए किसी शांत और खुली जगह का चुनाव करना चाहिए। 
  3. सबसे पहले जमीन पर आसन बिछाकर किसी ध्यानात्मक आसन में बैठ जाए ,जैसे सुखासन ,पद्मासन इत्यादि।
  4.  अपने शरीर को तनावरहित करे ,अपने दोनों हाथों को अपने घुटनों पर रखे।
  5.  जब आप इस अवस्था में होते है ,तो आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी और छाती तनी हुयी होनी चाहिए। 
  6. अब धीरे धीरे श्वास अंदर लेते हुए ,अपनी सर को निचे (आगे की और ) झुकाते जाए।
  7. और ठोडी को अपने कंठकूप (गले के निचे खड़े वाला भाग ) में लगाए। 
  8. अपनी दृष्टी को अपने दोनों भौओं के बिच में स्थिर करे। 
  9. जबतक आप इस अवस्था में आरामदायक स्थिति महसूस करते है ,तबतक इसी स्थिति में रहे।
  10.  अब श्वास को बाहर छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में आ जाए। अब इसी क्रिया को ५ बार दोहराये।

Amazing Health Benefits Of Jalandhara Bandha - जालंधर बंध के लाभ 


  1. Jalandhara Bandha के नियमित अभ्यास से गले संबंधित विकार दूर होते है।
  2.  इसका नित्य अभ्यास आपके कंठ को मधुर ,संवेदनशील और आकर्षक बनाता है।
  3.  यह इड़ा और पिंगला में संतुलन बनाये रखता है ,तथा गले की मांसपेशियों में एक अद्वितीय खिचाव पैदा करता है।
  4.  यह गंडमाला ,आवाज बैठना ,खासी ,टॉन्सिल्स ,और थॉयरॉइड जैसे रोगों में लाभदायक है। 
  5. यह आपकी स्थिरता को बढ़ाता है साथ गले की मांसपेशियों पर आपका नियंत्रण प्रस्थापित करता है। 
  6. कुंडलिनी जागरण में भी इस बंध को विशेष रूप में प्रयोग किया जाता है।
  7.  Jalandhara Bandha Practice गले में स्थित विशुद्ध चक्र को प्रभावित करता है और उसे जगाने में मदद करता है।
  8. ये सभी Benefits Of Jalandhara Bandha है। जो आप नियमित Jalandhara Bandha Practice से प्राप्त कर सकते है। 




 Precautions For Jalandhara Bandha Yoga - जालंधर बंध में सावधानी 


  1. Jalandhara Bandha Steps करते समय किसी भी प्रकार की जोर जबरदस्ती नहीं करनी चाहिए। 
  2.  जब आप Jalandhara Bandha लगाते है ,तो उस अवस्था में उतनी देर ही रुके ,जितना आप स्वयं को रोक पाने में सक्षम है। 
  3. ह्रदय और थॉयरॉइड से पीड़ित होने पर अपने डॉक्टर से जरूर इस विषय पर बात करे ,डॉक्टर के अनुमति के बिना किसी भी क्रिया को ना करे।
  4.  Jalandhara Bandha Practice आप प्राणायाम का अभ्यास करते समय या आसनों के बाद कर सकते है।  


आशा है की आपको "Jalandhara Bandha In Hindi" से उपयुक्त जानकारी मिल गयी होगी। फिर भी कुछ पूछना चाहते है तो आप कमेंट कर के पूछ सकते है।   

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