Sukhasana In Hindi Complete Guide

Sukhasana In Hindi Complete Guide अष्टांग योग में वर्णित सुखासन एक सरल और सुखद आसनों में से एक है। संस्कृत शब्द सुखासन दो शब्दों से मिलकर बना है ,सुख +आसन । सुख का अर्थ आसान ,सरल एवं आनंद देने वाला तथा बने रहने की स्थिति आसन कहलाती है। इस मुद्रा को ध्यान के लिए सहज और उपयुक्त माना जाता है ,शुरुवाती एवं उन्नत दोनों ही स्थिति में इस आसन का अभ्यास कर सकते है। इस योगमुद्रा में बैठकर ध्यान आसानी से लग जाता है ,क्योंकि अन्य योगासनों के मुकाबले बचपन से ही हमें सुखासन का अभ्यास हो जाता है। प्रत्येक मनुष्य का बैठने का तरिका अलग अलग हो सकता है ,पर ज्यादातर लोग  बैठते समय इसी आसन का प्रयोग करते है ,परंतु दिक्कत ये है की वो इस आसन में स्थिर नहीं रह पाते ,बस यही एक कारण बैठने के उस तरीके को अपूर्ण रखता है। इस आसन का अभ्यास हमे आनंद की अनुभूति कराता है तथा शरीर को स्थिर बनाये रखने में मदद करता है।इस लेख में Sukhasana In Hindi की विस्तारित जानकारी देने जा रहे है। जो आपके लिए फायदेमंद साबित होगी। 


Sukhasana In Hindi - सुखासन योग 


Sukhasana In Hindi - सुखासन योग
Sukhasana Steps 

  • Sukhasana Steps 
  1. Sukhasana Yoga करने के लिए किसी शांत और स्वच्छ जगह का चुनाव करे। सबसे पहले जमीन पर चटाई बिछाकर ताड़ासन में खड़े हो जाए (सीधे खड़े हो जाए ) .
  2.  अब अपने दोनों घुटनों को मोड़कर पैरों से क्रॉस का निशान बनाकर निचे बैठ जाए।  
  3. जब आप निचे बैठे तो ध्यान दे की आपका दाहिना पैर आपके बाएं नितंब (हिप्स) के निचे हो ,तथा बायां पैर दाहिने पैर के निचे हो। जब आप ऐसा करते है तो आपको आरामदायक अनुभूति होनी चाहिए ,इसलिए यह निश्चित करना चाहिए की आपके पैरों के किनारे निचे फर्श पर आराम कर रहे हो। 
  4. जब आप अपनी पीठ को संतुलित करते है तो ध्यान दे की आपके नितंबों का ऊपरी भाग और जघन हड्डी बराबर दुरी बनाये रखती हो। 
  5. अब आप अपने दोनों हाथों को अपनी जांघों पर ध्यान मुद्रा में रख सकते है। 
  6. अपनी निचली पीठ पर ध्यान केंद्रित करे उसे सीधा रखने का प्रयत्न करे।
  7.  ऐसा करते समय आपके दोनों कंधे स्थिर और मजबूत होने चाहिए। 
  8. अब इसी अवस्था में बने रहने का प्रयास करे। जब तक आप इस मुद्रा में आरामदायक स्थिति अनुभव करते है ,केवल तभी तक इस आसन में बैठे रहे। निरंतर अभ्यास द्वारा आप समय अवधि को बढ़ा सकते है।
  9.  मासिक धर्म में इस आसन का अभ्यास करते समय आप अपने दाहिने पैर को बायीं जांघ पर  या बाएं पैर को दाहिनी जांघ पर रख सकते है।
  10. Sukhasana Steps करते समय आप अपना ध्यान अपनी भृकुटि पर या अन्य किसी स्थान पर लगा सकते है। 





Amazing Health Benefits Of Sukhasana Yoga - सुखासन के लाभ 


Amazing Health Benefits Of Sukhasana Yoga - सुखासन के लाभ
Sukhasana Benefits 

  1. Sukhasana Yoga एक ध्यानात्मक आसन है ,इसका अभ्यास ध्यान के समय करने से शरीर में स्थिरता को कायम किया जा सकता है।
  2.  यह आपके मस्तिक्ष को तनावरहित और शांत बनाने में सहायता करता है जिससे व्यक्ति चिंतारहित जीवन जीता है। 
  3. Sukhasana Steps आपके मेरुदंड में ताकद पैदा कर संतुलन को बढ़ाता है। यह छाती एवं पीठ को मजबूती प्रदान करता है। 
  4. सुखासन आपके घुटने एवं एड़ियों को एक अच्छा खिचाव देता है ,जिससे घुटने और एड़ियां मजबूत बनी रहती है। इसका नियमित अभ्यास आपके अंदर शांति की भावना फैलाता है।
  5.  सुखासन का अभ्यास शांति ,दया,क्षमा ,मृदुता जैसे भावों को उजागर करता है। 
  6. ये सभी Benefits Of Sukhasana है। जिसे आप सुखासन के  नियमित अभ्यास से प्राप्त कर सकते है।  




  • Things To Know Before You Do Sukhasana Yoga - ध्यान रखने योग्य बातें
  1. Sukhasana Yoga ध्यानात्मक आसन है। जिसका अभ्यास सुबह सूर्योदय के समय करना सेहत के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
  2.  Sukhasana Steps करने से पूर्व यह आवश्यक नहीं की आपका पेट खाली हो। पर अगर आप योगासनों या दैनिक व्यायामों के साथ इस आसन का अभ्यास करते है ,तो यह आपके स्वास्थ के लिए जरुरी है की आपका पेट और आतें खाली एवं स्वच्छ हो। 
  3. भोजन के बाद अभ्यास करते समय ,भोजन और अभ्यास में ५ से ६ घंटे का आदर्श समय रखना आवश्यक है।



Precautions For Sukhasana Yoga - सुखासन में सावधानी 

Precautions For Sukhasana Yoga - सुखासन में सावधानी
Precautions For Sukhasana Yoga 

  1. Sukhasana Steps एक सरल क्रिया है।  फिर भी स्लिप डिस्क की समस्या हो ,उन्हें इस आसन का अभ्यास सावधानी पूर्वक करना चाहिए। 
  2. इसके अलावा घुटने या कूल्हों पर चोट होने पर Sukhasana Yoga ना करे।


  • Sukhasana Steps के बाद इन आसनों का अभ्यास करे Follow Up Poses
आशा करता हूँ की आपको "Sukhasana In Hindi" के बारे में पर्याप्त जानकारी प्राप्त हो गयी होगी। अब आप इस आसन का अभ्यास आनंदपूर्वक कर सकते है।

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