Utkatasana Yoga | उत्कटासन योग कैसे करे ,इसके क्या लाभ है

Utkatasana Yoga संस्कृत : उत्कटासन ,उत्कट - जंगली ,आसन - मुद्रा
योग में वर्णित उत्कटासन एक प्रभावी योगासन है। इसे कुर्सी आसन या Chair Pose Yoga भी कहा जाता है। भले ही यह सरल आसन दिखाई दे ,पर इसका अभ्यास करना एक चुनौती पूर्ण कार्य है। किसी कुर्सी पर बैठना कोई कठिन कार्य नही है। पर इस आसन का अभ्यास करते समय बिना किसी कुर्सी के ,केवल काल्पनिक कुर्सी पर बैठना पड़ता है। इसीकारण यह कुर्सी आसन के नाम से विख्यात है। निचे Utkatasana Yoga की संपूर्ण जानकारी देने जा रहे है ,जो आपके लिए लाभदायक साबित होगी।




Utkatasana Yoga | उत्कटासन योग 

Utkatasana Yoga | उत्कटासन योग





  • How To Do Utkatasana  | उत्कटासन कैसे करे 



  1.  निचे चटाई बिछाकर पैरों में अंतर लेकर खड़े हो जाए। 
  2. हाथों को ऊपर ले जाए और जोड़ दे। 
  3. दोनों हाथों को कोहनियों से मोड़े बिना सीधा बना के रखे। 
  4.  पैरों को घुटनों से मोड़ते हुए कूल्हों को निचे की और ले आये। जैसे आप किसी कुर्सी पर बैठे है। 
  5. निचे आते  समय मेरुदंड ,छाती और गर्दन को सीधा बनाये रखे। इसी स्थिति में  कुछ देर बने रहे। 
  6. श्वासों को सामान्य रूप से चलने दे। 
  7. इस अवस्था में अनुभव करे की आप कुर्सी पर बैठकर कोई पुस्तक या अखबार पढ़ रहे है। 
  8. कुछ देर बाद सामान्य अवस्था में आ जाए। 
  9. उपरोक्त क्रिया को आप ४ से ५ बार दोहरा सकते है।










Utkatasana Benefits | उत्कटासन के लाभ

Utkatasana Benefits | उत्कटासन के लाभ



  1. यह आसन विशेषकर पैर,टखने ,घुटने एवं जाँघों की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है। 
  2. इसका अभ्यास कूल्हों की पेशियों को फैलाता है, और उन्हें सशक्त बनाता है। 
  3. नियमित इसके अभ्यास से अनावश्यक वसा (चर्बी ) दूर होती है। यह वजन कम करने में सहायक आसन है। 
  4. नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी ,कूल्हे ,एवं घुटनों को एक बेहतरीन खिंचाव मिलता है। 
  5. ये रोगप्रतिकारक शक्ति को बढ़ाकर शरीर के सभी अंगों को पुष्ट और मजबूत करता है। 
  6. पीठदर्द एवं जोड़ों के दर्द से मुक्ति दिलाता है। 
  7. यह संतुलन शक्ति को बढ़ाता है। 
  8. दिमाग को ताजा एवं स्वस्थ बनाये रखता है। 
  9. इसका नियमित अभ्यास सहनशीलता ,कठोरता ,दृढ़ता को बढ़ाता है। 








Beginners Tips | शुरुवात के लिए टिप्स



  1. शुरुवाती समय में इस आसन का अभ्यास कठिन लगता है ,इसे आसान बनाने के लिए पहली बार इसका अभ्यास दीवार के सहारे करे। 
  2. अभ्यास करने के लिए दीवार से कुछ दुरी पर खड़े रहे ,जिससे अभ्यास करते समय आप अपने मेरुदंड का निचला हिस्सा दीवार से टिका सकते है। 
  3. नियमित अभ्यास से जब आप इस आसन के लिए पूरी तरह तैयार हो तो दीवार के बिना इसका अभ्यास करे। 







Utkatasana Precautions | उत्कटासन में सावधानी  


  • घुटने की पुरानी समस्या से पीड़ित एवं हड्डियों की कमजोरी या समस्या होनेपर इस आसन का अभ्यास ना करे। 
  • निम्न रक्तचाप ,अनिद्रा ,अत्याधिक थकान होनेपर भी इस आसन से बचना चाहिए। 
  • गर्भावस्था एवं माहवारी होनेपर इसका अभ्यास ना करे। 
  • कमर के निचे किसी भी अंग में समस्या होनेपर भी इसे नहीं करना है। 









Things You Need To Know | ध्यान रखने योग्य बाते 


  1.  इस आसन का अभ्यास खाली पेट किया जाना चाहिए। 
  2. सुबह ब्रम्हमुहूर्त का समय कसरत एवं योग के लिए उपयुक्त माना जाता है। किसी कारण सुबह अभ्यास ना होनेपर ,शाम के समय इसका अभ्यास करे। 
  3. केवल भोजन और अभ्यास के बिच ६ घंटे का अंतर् छोड़ना याद रखे। 

उत्कटासन से पहले किये जाने वाले आसन 






उत्कटासन के बाद आप इन आसनों का अभ्यास कर सकते है। 






ऊपर मैंने आपको Utkatasana Yoga के बारे में जानकारी दी। क्या आपको यह जानकारी उपयुक्त लगी ?  आप अपनी राय कमेंट बॉक्स में दे सकते है। लेख पसंद आनेपर इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूले। 



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