Aug 15, 2019

Morning Yoga | अच्छे स्वास्थ के लिए सुबह करे ये योगासन

Morning Yoga अष्टांग योग में योग के प्रमुख आठ अंगों का वर्णन किया गया है। इन सभी अंगों के अभ्यास एवं आचरण का चमत्कारी लाभ हमारे शरीर पर देखने को मिलता है। योगाभ्यास न केवल हमारे शरीर, बल्कि हमारे अंतर्मन और आत्मा को भी निष्पाप और प्रकृति के प्रति समर्पित भावना की वृद्धि करता है। योग हमें अपनी वास्तविकता का बोध कराता है। नियमित योगाभ्यास कर मनुष्य उत्तम स्वास्थ और आत्मिक शांति को प्राप्त कर सकता है। आज हम आपको कुछ ऐसे Morning Yoga योगासनों से अवगत कराने जा रहे है , जिसका नित्य अभ्यास कर आप सुंदर और खुशहाल जीवन की कामना कर सकते है।

      Morning Yoga | अच्छे स्वास्थ के लिए सुबह करे ये योगासन

Morning Yoga | अच्छे स्वास्थ के लिए सुबह करे ये योगासन





Precautions To Note Before Starting Morning Yoga | योगाभ्यास करने से पूर्व ध्यान देने योग्य बाते

  • अच्छे और सकारात्मक परिणाम प्राप्त करने के लिए ये आवश्यक है ,की योगासनों का अभ्यास करते समय आपका पेट खाली हो और आपका शरीर आसनों के लिए पूरी  तरह सक्षम हो।
  • किसी व्याधि या बिमारी के लक्षण होने पर अपने चिकित्सक (डॉक्टर ) की सलाह अनुसार योग की शुरुवात करनी चाहिए।
  • एकांत  वातावरण में अपने आतंरिक स्थिति में प्रवेश करना आसान होता है। पर अगर आप नए है तो अपने किसी साथी को अपने समीप रखे ,जिससे योगाभ्यास करते समय किसी सहायता की आवश्यकता होने पर ,आपका मित्र आपकी मदद के लिए तत्पर हो।
  • योगासन का अभ्यास करते समय शरीर पर अधिक दबाव ना डाले ,इससे लाभ के स्थान पर हानि की संभावना रहती है। नियमित रूप से योग आसनों का अभ्यास करते हुए ही शरीर लचीला और संतुलित बन पाता है।
  • योगाभ्यासी व्यक्ति को अधिक मसालेदार एवं उत्तेजित पदार्थों से बचना चाहिए। 
  • इसके अतिरिक्त नशा पानी से भी परहेज रखना चाहिए। ये सभी चीजे शरीर पर घातक परिणाम करती है। ये चीजे आपको आपके ध्येय से भटकाती है। इसलिए इनसे दुरी बनाकर रखे। तो आइये जानते है इन चमत्कारी आसनों के बारे में






  1. सिद्धासन योग | Siddhasana Yoga



सिद्धासन योग | Siddhasana Yoga





  • सिद्धासन को योग में वर्णित मुख्य और प्रभावकारी आसनों में से माना जाता है। 
  • बड़े बड़े योगी और सिद्ध साधु ध्यान लगाते समय इस आसन का अभ्यास करते है। 
  • योग में इस आसन को समस्त सिद्धियों को प्रदान करनेवाला माना गया है। 
  • सामान्यतः इसका अभ्यास योगी ध्यान या अन्य योग साधना के समय करते  है। 
  • नियमित इस आसन का अभ्यास मनुष्य की जीवन शक्ति को बढाकर प्राणों को उर्ध्व बनाता है। 
  • यह मन की अस्थिरता दूर कर शरीर एवं आत्मा को स्थिर रखता है। इसलिए इसके अनगिनत गुणों को देख इसे अपने दैनिक योगसत्र में शामिल करना चाहिए।





  • How To Do Siddhasana | सिद्धासन कैसे करे


  1. सिद्धासन का अभ्यास करने के लिए दोनों पैरों को सामने फैलाकर बैठ जाए। 
  2. दोनों हथेलियों को फर्श पर आराम करने दे। 
  3. अपने मेरुदंड (रीढ़ की हड्डी) को सीधा रखे। 
  4. बाएं पैर को घुटने से मोड़कर एड़ी को गुदा और अंडकोष के बिच में रखे। 
  5. ऐसा करते समय अपने बाएं पैर के तलवे को दाहिनी जांघ से सटाकर रखे। 
  6. इसीप्रकार अपने दाहिने पैर को घुटने से मोड़कर एड़ी को शिश्न पर दबाकर रखे।  
  7. अपनी पीठ और छाती को तानकर रखे। और हाथों को घुटनों पर सहज मुद्रा में रखे। 
  8. अपने अंतर्मन में झांके और अपना पूरा ध्यान भृकुटि के मध्य (दोनों आँखों की मध्यशिरा  ) पर केंद्रित करे। 
  9. इस अवस्था में मस्तिक्ष को शांत और मन को निर्मल बनाये रखे।





अधिक पढ़े -  सिद्धासन कैसे करे और इसके क्या लाभ है?



2.  उष्ट्रासन योग | Ustrasana Yoga

उष्ट्रासन योग | Ustrasana Yoga


  • इस आसन का अभ्यास कमर ,छाती और गले पर एक विशिष्ट खिंचाव उत्पन्न करता है। 
  • यह आसन रीढ़ को मजबूत एवं लचीला बनाता है ,इसका सीधा प्रभाव नाभिचक्र पड़ता जिससे पेट संबंधित परेशानियां दूर रहती है। 
  • यह व्यक्ति को ऊर्जावान और मजबूती प्रदान करता है। 
  • इसका नियमित अभ्यास थायरॉइड एवं पिट्यूटरी ग्रंथि को सक्रीय एवं नियंत्रित रखता है। 
  •  शरीर एवं दिमाग को ताजगी का अनुभव करने के लिए आप इसे सुबह के योगसत्र में शामिल कर सकते है।




  • How To Do Ustrasana Yoga | कैसे करे



  1. उष्ट्रासन का अभ्यास करने के लिए घुटनो के बल बैठ जाए। 
  2. दोनों हाथ कूल्हों पर रखे। 
  3.  कमर और छाती को सीधी रेखा में रखे। 
  4. दोनों हाथों को एक-एक करते हुए पीछे ले जाए ,और एड़ियों को छूने का प्रयास करे। 
  5. अपनी पीठ को कमान देकर पीछे की और झुके। 
  6. सिर को पीछे ले जाए और आसन में स्थिर बने रहे। 
  7. इसका अभ्यास करते समय हाथ ,कमर ,गले के खिचाव को महसूस करे। 
  8. सुबह इसका अभ्यास आप ५ से ८ मिनट तक कर सकते है।










3. हलासन योग | Halasana Yoga 

हलासन योग | Halasana Yoga




  • हलासन का अभ्यास शरीर को लचीला एवं तरोताजा रखता है। 
  • साथ ही नियमित रूप से इस आसन का अभ्यास हमें कई गंभीर बीमारियों से बचाता है। 
  • इसका अभ्यास शरीर और मस्तिक्ष को नयी प्राणवायु प्रदान करता है। 
  • सुबह केवल ५ मिनट का अभ्यास आपको दिनभर स्वस्थ और ऊर्जावान बनाये रखने के लिए काफी है।




  • How To Do Halasana | कैसे करे



  1. हलासन के लिए जमीन पर पीठ के बल लेट जाए। 
  2. दोनों हाथो को अपने बगल में फर्श पर रखे।
  3.  श्वास छोड़ते हुए दोनों पैरों को एकसाथ ऊपर उठाये और पैरों के तलवों को सर के ऊपर फर्श पर टिका दे।  
  4. ऐसा करते समय घुटनों को सीधा रखे। 
  5. संतुलन बनाने के लिए हथेलियों को फर्श पर एक दूसरे में फसाकर बांध दे। 
  6. कुछ समय इसी अवस्था में बने रहे। 
  7. कुछ देर बाद पुनः सामान्य अवस्था में आ जाए। 
  8. सुबह इस आसन का अभ्यास करते समय शरीर के साथ जोर जबरदस्ती ना करे। नियमित सराव से इस आसन को साधा जा सकता है।










4. सर्वांगासन योग | Sarvangasana Yoga

सर्वांगासन योग | Sarvangasana Yoga





  • अपने नाम के अनुरूप ही सर्वांगासन का अभ्यास शरीर के अंग प्रत्यंग को स्वस्थ रखने में मदद करता है। 
  • इसके अभ्यास से शुद्ध खून का बहाव मस्तिक्ष की तरफ होने लगता है। 
  • यह गले के रोग ,छाती के रोग ,थॉयरॉइड ,पेट की समस्याएं ,आँखों के रोग ,मानसिक तनाव ,बेचैनी ,अस्थिरता ,आलस्य जैसे अनगिनत रोगों में फायदेमंद साबित होता है। 
  • यह कमर को लचीला और शक्तिशाली बनाता है। 
  • इसका अभ्यास हलासन से पूर्व करना सरल और फायदेमंद साबित होता है।





  • How To Do Sarvangasana | कैसे करे


  1. सर्वांगासन के लिए जमीन पर चटाई बिछाकर पीठ के बल लेट जाए। 
  2. श्वासों के आवागमन को सामान्य होने दे। 
  3. दोनों पैरों को एकसाथ हवा में ऊपर उठाये ,संतुलन के लिए अपने दोनों हथेलियों को कमर के निचे रखे।  
  4. पैरों को ऊपर ले जाकर संपूर्ण शरीर का भार दोनों कंधों पर समान रूप से वितरित करे। 
  5. कुछ देर इसी अवस्था में रुके और पुनः १ मिनट के विश्राम के बाद आसन को दोहराये। 
  6. सुबह इसका अभ्यास करना अत्यंत फायदेमंद है। 
  7. सुबह केवल ५ से १० मिनट का अभ्यास आपको स्वस्थ और तनावरहित जीवन प्रदान करता है। 
  8. इसका अभ्यास करते समय पेट खाली होना आवश्यक है। 
  9. साथ ही गंभीर गले की जकड़न या कमर की समस्या से पीड़ित होनेपर इसका अभ्यास ना करे।









5. सेतु बंधासन योग | Setu Bandhasana Yoga

सेतु बंधासन योग | Setu Bandhasana Yoga




  • हमेशा स्वस्थ एवं प्रसन्न रहने के लिए सेतु बंधासन एक लाभदायी आसन है।  
  • सुबह केवल १० मिनट का अभ्यास आपको कई गंभीर बिमारियों से बचाता है। 
  • इस आसन का नियमित अभ्यास फेफड़े ,कमर एवं पेट की मांसपेशियों पर विशेष प्रभाव डालता है। 
  • हाइपोथोरॉइड ,अनिद्रा ,बेचैनी ,फेफड़ों की समस्याओं को आप नियमित इसका अभ्यास कर दूर रख सकते है। 
  • इसलिए आज से ही इसे अपने दैनिक योगसत्र में शामिल करे।




  • How To Do Setu Bandhasana Yoga | कैसे करे



  1. सेतु बंधासन का अभ्यास करने के लिए जमीन पर पीठ के बल लेट जाए। 
  2. दोनों पैरों को घुटनों से मोड़कर अपने नितंब (हिप्स) के पास ले आये। 
  3. इस अवस्था में ध्यान रखे की तलवे फर्श से सटे रहे। 
  4. दोनों हाथों को कमर के निचे से ले जाए और एड़ियों को पकड़ ले। 
  5. अब दोनों पैरों पर समान रूप से वजन डालते हुए कमर को ऊपर उठाये और एक सीधी रेखा में रखे। 
  6. जिससे आपकी शरीर की रचना किसी सेतु की तरह दिखाई देगी। 
  7. इस आसन का अभ्यास करते समय आपकी ठोड़ी आपकी छाती से सटी रहेगी। 
  8. शुरुवात में इसका अभ्यास कठिन लगता है पर वास्तविकता में है नहीं। 
  9. २-३ दिन के अभ्यास से ही आप आसानी से इस आसन में महारथ हासिल कर सकते है।









6. पवनमुक्तासन योग | Pawanmuktasana Yoga 

पवनमुक्तासन योग | Pawanmuktasana Yoga





  • इस आसन का अभ्यास विशेषकर वायुविकारों में लाभदायक माना जाता है ,पर इसके अतिरिक्त इसके कई अन्य लाभ है जो हमारे शरीर एवं मन के फायदेमंद है। 
  • पवनमुक्तासन का अभ्यास करना अत्यंत सरल है। 
  • सुबह केवल  ५ मिनट इसका अभ्यास करना अच्छे स्वास्थ के पर्याप्त है।  
  • जब आप पीठ के बल किये जाने वाले आसनों को करते है ,उसी समय इसका अभ्यास करना सरल होता है।





  • How To Do Pawanmuktasan Yoga | कैसे करे



  1. इस आसन का अभ्यास करने के लिए जमीन पर चटाई बिछाकर पीठ के बल लेट जाए। 
  2. पेट एवं छाती की मांसपेशियों को रिलैक्स करे। 
  3. दोनों पैरों को घुटनों से मोडे ,दोनों हाथों से पैरों को पकड़कर ,घुटनों को पेट के ऊपरी हिस्से पर लगाए। 
  4. कुछ समय इसी स्थिति में बने रहे ,और पुनः सामान्य अवस्था में आ जाए। 
  5. उपरोक्त क्रिया को  ३ से ४ बार दोहराये।









7. भुजंगासन योग | Bhujangasana Yoga 

भुजंगासन योग | Bhujangasana Yoga




  • भुजंगासन पेट के बल लेटकर किया जाने वाला अभ्यास है।  
  • इसका अभ्यास पेट ,छाती ,गर्दन एवं कमर की मांसपेशियों पर विशेष खिंचाव उत्पन्न करता। 
  • यह फेफड़ों की कार्यक्षमता को विकसित करता है। 
  • साथ ही कमर एवं पेट को लचीला और शारीरिक रचना को सुधारने में फायदेमंद है। 
  • सुबह ७-१० मिनट का अभ्यास अच्छे स्वास्थ और तरोताजा रहने के लिए पर्याप्त है।






  • How To Do Bhujangasana Yoga | कैसे करे



  1. भुजंगासन का अभ्यास करने के लिए पेट के बल लेट जाए। 
  2. ध्यान रखे की पैरों का ऊपरी हिस्सा आसन करते समय फर्श से सटा होना चाहिए।
  3.  दोनों हाथों को छाती के पास ले जाकर ,कोहनी से मोड कर हथेलियों को फर्श पर रख दे। 
  4.  हाथों के सहारे शरीर के नाभि तक के भाग को ऊपर उठाये। 
  5. पीठ को कमान दे ,एवं गर्दन को पीछे की ओर खींचे। 
  6. कुछ देर इस स्थिति में बने रहे और पुनः सामान्य स्थिति में आ जाए। 
  7. इसी क्रिया को २-३ बार दोहराये।








8. धनुरासन योग | Dhanurasana Yoga 

धनुरासन योग | Dhanurasana Yoga





  • धनुरासन का अभ्यास करते समय शरीर को धनुष्य की तरह कमान दी जाती है। 
  • इसका अभ्यास करते समय पेट खाली होना आवश्यक है। 
  • साथ ही जिन्हे स्लिप डिस्क या कमर संबंधित कोई परेशानी है ,उन्हें इस आसन का प्रयोग नहीं करना चाहिए। 
  • इस आसन का अभ्यास फेफड़ों को विस्तारित और ताकदवर बनाता है। 
  • यह कमर को लचीला और आकर्षक बनाने में विशेष कारीगर है। 
  • इसके नित्य अभ्यास से साधक को विशेष संतुलन की प्राप्ति होती है। 
  • रोजाना केवल १० मिनट के  अभ्यास से आप अच्छे स्वास्थ और शारीरिक रचना को बेहतर बना सकते है। 
  • आसन  की शुरुवात करते समय अपने किसी साथी या प्रशिक्षक को जरूर साथ रखे।



  • How To Do Dhanurasana | कैसे करे



  1. धनुरासन का अभ्यास करने के लिए ,जमीन पर चटाई बिछाकर पेट के बल लेट जाए। 
  2. दोनों पैरों को घुटने से मोड़कर ऊपर उठाये , दोनों हाथ पीछे ले जाकर यथाशक्ति दोनों पैरों को पकड़ ले। 
  3. ऐसा करते समय दोनों घुटनों के बिच उचित अंतर बनाये रखे। 
  4. अपनी छाती एवं गर्दन को ऊपर उठाकर जितना पीछे ले जा सके , ले जाए। 
  5. जीतनी देर इस अवस्था में रुक सकते है ,उतनी देर रुकने का प्रयत्न करे। 
  6. और पुनः सामान्य अवस्था में आ जाए। 
  7. पहली बार इसका अभ्यास करते समय शरीर को अत्यधिक ना ताने और धीरे धीरे प्रयास करे। 
  8. प्रतिदिन अभ्यास से शरीर को संतुलित करना आसान हो जाता है।


अधिक जानकारी के लिए पढ़े - धनुरासन कैसे करे , इसके क्या लाभ है ?



9. बालासन योग | Balasana Yoga

बालासन योग | Balasana Yoga





  • बालासन का अभ्यास साधक के अंदर शांति एवं समर्पित भावना को बढ़ाता है। 
  • योगसत्र के समाप्ति के दौरान या अंतिम चरण में जब आप इस आसन का अभ्यास करते है, तो ये आपके शरीर और मस्तिक्ष की थकावट को दूर कर आपको नयी ऊर्जा से भर देता है।


  • How To Do Balasana | कैसे करे



  1. आसन के अभ्यास के लिए चटाई बिछाकर, पैरों को घुटनों से मोड़कर  एड़ियों पर बैठ जाए। 
  2. अपने शारीरिक वजन को दोनों एड़ियों पर समान रूप से वितरित करे। 
  3. दोनों हाथों को एकसाथ ऊपर ले जाये। 
  4. श्वास छोड़ते हुए निचे आये एवं अपने मस्तक को फर्श पर टिका दे। 
  5. कंधो को ढीला छोड़े। 
  6. कुछ देर इसी अवस्था में बने रहे ,कुछ समय बाद वापस सामान्य अवस्था में लौट आये। 
  7. उपरोक्त विधि को ४ से ५ बार दोहाराये।


अधिक जानकारी के लिए पढ़े - बालासन कैसे करे ,इसके क्या लाभ है ?


ऊपर मैंने आपको "Morning Yoga | अच्छे स्वास्थ के लिए सुबह करे ये योगासन " के बारे में जानकारी दी। क्या आपके लिए यह जानकारी उपयोगी थी ? अपनी राय आप कमेंट बॉक्स में दे सकते है।  किसी वस्तु विषय को अपने तक सिमित ना रख , दूसरों तक पहुँचाना एक महान भावना को जन्म देती है। इसलिए इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर  करना ना भूले।



This Is The Newest Post